राम सबसे बड़े प्रोफेशनल और गुरु थे
भगवान राम सबसे बड़े गुरु और प्रोफेशनल थे, जब सीता को रावण ले गया,तब नजदीकी ननिहाल भी थी उन्होंने वहां से मदद नही ली। न ही अपने राज्य से ली। रास्ते मे मिलने वाले वानर आदि की मदद कर उनको अपना बनाया और उन पर भरोसा किया और उनको सिखाया फिर युद्ध लड़ा। अंगद का लंका जाना ये रावण को नोटिस था जो प्रोफेशनल होना दर्शाता है। अंगद का कॉंफिडेंट होना , राम के अच्छे गुरु होने का संकेत था। हनुमान का लंका जाने के लिये उनकी ताकत याद दिलाना एक अच्छे गुरु का संकेत है। मेघनाथ आदि को अपने छोटे योद्धा से लड़ाना कुशल नेता की निशानी है। लंका को जलाने के लिए हनुमान का जाना सीता में उत्साह भरना और रावण को अपनी ताकत का अहसास कराना , एक अच्छे शासक का संकेत भर था। लक्ष्मण के घायल होने पर पूरी प्रक्रिया करना एक अच्छे रखवाले का दर्शनाथ था। रावण के घायल होने पर लक्ष्मण से ज्ञान लेने के लिए कहना राम होने का प्रतीक था |..... ArYa

आम व्यक्ति भी अपने जीवन को सफल बनाने के लिए भगवान राम के जीवन से कुछ प्रेरणा ले सकता है। जिंदगी में सफलता हासिल करने के लिए व्यक्ति के बाद उसके काम को लेकर बेहतर मैनेजमेंट का बहुत जरूरी है। और यह मैनेजमेंट हासिल करने के लिए व्यक्ति के पर रणनीति, मूल्य, विश्वास, प्रोत्साहन, श्रेय और पारदर्शिता होना बहुत जरूरी है। जब आप रामायण बढ़ेंगे या भगवान राम के जीवन को बारीकी से अध्यन करेंगे तो पाएंगे कि उनके पास ये सभी गुण मौजूद थे।





