चेहरा- सच या झूठ?
Medhaj News 23 Feb 19 , 06:01:39 Ajab Gajab
हर हँसी के पीछे खुशी ही हो,
ये ज़रूरी तो नहीं;
हर आँसू का कारण कोई दुःख ही हो,
ये ज़रूरी तो नहीं।
कभी-कभी ग़मों के सैलाब भी दब जाते हैं,
होठों की हँसी में,
कभी-कभी खुशियाँ भी तैर जाती हैं,
आँखों की नमी में;
इसीलिए चेहरा हमेशा सच ही बोले,
ये ज़रूरी तो नहीं।
चेहरे के भावों से अक्सर झूठ,
कह जाते हैं लोग,
दिल के ज़ज़्बातों को अक्सर दिल में,
दबा जाते हैं लोग,
ताउम्र गुज़र जाती है-
एक ऐसा अपना ढूंढने में,
जो समझ सके कि इस चेहरे के-
पीछे कोई मज़बूरी तो नहीं।
लोगों की भावनाओं का अक्सर,
मज़ाक उड़ाती है ये दुनिया,
इसीलिए चेहरे पर सदा ही अपनी ताकत दिखाओ,
कमज़ोरी को नहीं।
----भावना मौर्य-------







