महाराष्ट्र में शिव सेना ने बीजेपी से तोडा गठबंधन, कोंग्रेस से समर्थन की उम्मीद
महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए अब राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शिवसेना को न्योता दिया है। राज्यपाल ने शिवसेना विधायक दल के नेता एकनाथ शिंदे से आज यानी सोमवार शाम 7.30 बजे तक उनकी पार्टी की इच्छा और बहुमत के आंकड़े की जानकारी देने के लिए कहा है। इसके साथ ही शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के खेमे में गतिविधियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय मंत्री एवं शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने अपने इस्तीफे का एलान किया है। वहीं शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा है कि मेरे पास किसी के इस्तीफे के बारे में कहने के लिए कोई शब्द नहीं है। हम एक ही बात कहेंगे कि जो भी फैसला लेना है वह कांग्रेस के साथ चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।
इस बीच शिव सेना नेता संजय राउत ने कहा है कि यह भाजपा का अहंकार है कि वह महाराष्ट्र में सरकार बनाने से इनकार कर रही है। यह महाराष्ट्र के लोगों का अपमान है। भाजपा विपक्ष में बैठने के लिए तैयार हैं लेकिन वे 50-50 का फॉर्मूला मानने के लिए राजी नहीं है। सरकार बनती न देख शिवसेना ने राज्यपाल पर भी निशाना साधा। राउत ने कहा कि यदि राज्यपाल ने हमें अधिक समय दिया होता तो सरकार बनाना आसान होता। राज्यपाल ने भाजपा को 72 घंटे दिए गए। हमको कम समय दिया गया है। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना भाजपा की साजिश है।
केंद्रीय भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री एवं शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने मंत्री पद से इस्तीफा देने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि मैं अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं। असल में एनसीपी साफ कर चुकी है कि शिवसेना एक साथ दो गठबंधनों में नहीं रह सकती है।
Shiv Sena MP Arvind Sawant announces resignation from ministerial post
Read @ANI Story | https://t.co/381a0fzwpB pic.twitter.com/CGvlPwII4c
कांग्रेस ने दिल्ली में अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर पार्टी वर्किंग कमेटी (Congress Working Committee, CWC) की बैठक बुला ली है। इसमें भाग लेने के लिए अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल और मल्लिकार्जुन खड़गे पहुंचे हैं। थोड़ी ही देर में शिवसेना और एनसीपी की भी अलग अलग बैठकें होनी है। रिपोर्टों में कहा गया है कि राज्यपाल के निमंत्रण के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की। सूत्रों की मानें तो एनसीपी ने शिवसेना के सामने यह शर्त रखी है कि पहले वह भाजपा से सभी रिश्ते खत्म करे और मोदी सरकार में शामिल उनके मंत्री इस्तीफा दें तभी सरकार बनाने के लिए समर्थन देने पर सोचेंगे।
राज्य में जारी सियासी सरगर्मी के बीच कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने शिवसेना की कवायदों पर परोक्ष रूप से करारा हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह बात मायने नहीं रखती की कौन और कैसे सरकार बना रहा है। बड़ी बात यह कि राज्य में सियासी अस्थिरता को खारिज नहीं किया जा सकता है। ऐसे में जल्द चुनाव के लिए तैयार रहिए जो साल 2020 में हो सकते हैं।
No matter who forms govt and how ? But the political instability in Maharashtra can not be ruled out now. Get ready for early elections. It may take place in 2020.
Can we go to the elections with ShivSena as partner ?







