बिजली विभाग के प्रयत्नो से रोशनी से जगमगा रहा है कुम्भ क्षेत्र।
कुम्भ मेले के दौरान पूरे मेला क्षेत्र को 38000 से अधिक एलईडी लाइटोे से रोशन करने के लिए 127 किमी0 हाईटेशन लाइन, 1030 किमी0 सामान्य लाईन, तथा 11.4 किलो वाट के 800 केवीए के 54 सब स्टेशन, 100 केबीए के 79 सब स्टेशन एवं मेला क्षेत्र में स्थापित होने वाले नलकूपों एवं अन्य जरूरी सेवाओं के लिए स्थापित किए जाने की योजना तैयार हो चुकी है। जिसके माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र में न केवल शत-प्रतिशत एलईडी के उपयोग से मेला क्षेत्र को रोशन किया जाना है बल्कि उच्च गुणवत्ता की बिजली मेले के अधिकांश क्षेत्र में 24 घण्टे आपूर्ति की जानी है।
पिछले कुम्भ में बिजली का बिल 19 करोड़ रुपये जमा किया गया था। इस तरह देखा जाए तो मेले में बिजली खपत कुछ ज्यादा नहीं है। फिर भी कुम्भ नगरी में बिजली आपूर्ति के लिए छह सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। अगर सप्लाई की व्यवस्था पुख्ता रही तो बिजली का कोई संकट नहीं होगा।
इस बार प्रयागराज के कुंभ मेले में कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को बिजली कनेक्शन लेने के लिए ज्यादा भागदौड़ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें ऑनलाइन कनेक्शन भी मिलेगा। बिल के भुगतान के लिए भी उपभोक्ताओं को काउंटर तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। नेफ्ट अथवा आरटीजीएस के जरिए बिल का भुगतान कर सकेंगे। विद्युत विभाग यह व्यवस्था कुंभ मेले में पहली बार करने जा रहा है। ऑनलाइन कनेक्शन और ई-भुगतान के लिए विभाग ने पंजाब नेशनलएवं आइसीआइसीआइ बैंकों से करार किया है। श्रद्धालुओं को जितने वॉट का एलईडी बल्व एवं ट्यूब रॉड लगवानी होगी, उसके लिए निर्धारित सिक्योरिटी मनी बैंकों के पोर्टल लिंक पर जाकर नेफ्ट अथवा आरटीजीएस के जरिए जमा करना पड़ेगा। इसके बाद यूनिट ट्रांजेक्शन रिपोर्ट (यूटीआर) दिखाकर कनेक्शन लिया जा सकेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह व्यवस्थाएं की जा रही हैं। वालंटियर्स की भी मांग मेला प्रशासन से की गई है। ताकि उनकी मदद से कल्पवासियों और श्रद्धालुओं की दिक्कतें जानकार उसे दूर कराया जा सके।
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