जांच के लिए क्यों न निकाला जाए जयललिता का शव – मद्रास हाईकोर्ट

मेधज न्यूज़  |  India  |  29 Dec 16,13:45:47  |  

तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता की मौत को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने आशंका व्यक्त की है। जयललिता की मौत से पर्दा उठाने की मांग से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस वैद्यनाथ ने केंद्र की मोदी सरकार, राज्य सरकार और अपोलो अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए पूछा कि तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री के शव को समाधीस्थल ने निकालने का आदेश क्यों न दिया जाए?

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गौरतलब है कि, जयललिता के निधन को लेकर लोग अपने आशंकाएं जता रहे हैं। इन्हीं लोगों के शामिल AIADMK के सदस्य पीए जोसेफ ने पार्टी प्रमुख की मौत के रहस्य से जुड़ी एक जनहित याचिका मद्रास हाईकोर्ट में दायर की है। उन्होंने 22 सितंबर 2016 को अपोलो में अस्पताल में जया के भर्ती होने से लेकर उनकी मौत तक, सभी घटनाओं का ब्यौरा दिया गया। उनके मुताबिक, जया की मौत को लेकर उनके मन में कई आशंकाएं है।

इसके अलावा पार्टी से निष्कासित सांसद शशिकला पुष्पा ने भी जयललिता की मौत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। शशिकला से सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग की है। याचिका में उन्होंने जयललिता की मौत की परिस्थितियों को संदेहास्पद बताया है। उन्होंने जयललिता की करीबी शशिकला नटराजन पर शक जताया है।

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गौरतलब है कि, बुखार और शरीर में पानी की कमी होने की वजह से 22 सितंबर 2016 को उन्हें अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 4 दिसंबर को उन्हें अस्पताल में ही दिल का दौरा पड़ गया था। अंततः 5 दिसंबर को उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद कुछ लोगों को जया की मौत को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं है।

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