आज रात होगी उल्कापिंड की बारिश
इसे इंग्लिश में Geminis meteor shower कहते है , यह बर्फ, धूल और पत्थर और धातु के होते है,इस उल्कापात को बिना दूरबीन के भी देखा जा सकेगा, यह एक अदभुत खगोलीय घटना हैं,इसकी गति अठत्तर हज़ार मील प्रति घंटा है , 1 शावर 3 मील चौड़े ऐस्ट्रोरायड की बजह से बनता है,यह 523 दिन में एक बार धरती से गुजरता है, सूर्य देव से नजदीकी के कारण इसका तापमान 800 डिग्री तक पहुँच जाता है, अधिक गति के कारण इसमे हलचल होती है उससे एक पदार्थ निकलता है जो आतिशबाजी के रूप में दिखाई देता है, यह रात बारह बजे तक दिखेगा |
ऐसा कहा जाता है कि दिसंबर के महीने में पृथ्वी का रास्ता बत्तीस सौ फैथॉन नाम के एस्टरॉयड के रास्ते को काटता है। इस एस्टरॉयड का कभी पहले किसी वस्तु से टकराव हुआ था, जिसके कारण इसके कण पृथ्वी के रास्ते के इस मोड़ पर मौजूद होते हैं। इनमें से छोटे कण गुजरती पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं और जल उठते हैं। इससे ऐसा मालूम होता है जैसे सितारे टूट कर गिर रहे हो। आसमान में इस दौरान होने वाली घटना को 'जेमिनिड्स' कहा जाता है। 'जेमिनिड्स' में कई तारे और उल्का झुंड में धरती पर बरसते हुए दिखाई देते हैं।
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