जम्मू कश्मीर में 2021 में हो सकते है विधान सभा चुनाव
जम्मू कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी की गठबंधन सरकार गिरने के बाद वहां राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। बीजेपी ने इसके बाद सुनियोजित ढंग से Article 370 और 35A को समाप्त कर दिया। इसके तुरंत बाद भारत सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर में परिसीमन का कार्य शुरू करने के लिए आयोग बनाने का आदेश दिया। सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिलने और परिसीमन आयोग के गठन के बाद परिसीमन की प्रकिया में कम से कम 10 से 15 महीने का वक़्त लग सकता है। सूत्रों की मानें तो ये प्रक्रिया 31 अक्टूबर के बाद ही शुरू होगी, लेकिन चुनाव आयोग ने परिसीमन के लिए पूरा खाका तैयार कर लिया है। करीब 10 चरणों में परिसीमन का ये काम पूरा होगा।

जम्मू कश्मीर विधानसभा की कुल 111 सीटें थीं। अब लद्दाख के अलग यूनियन टेरीटरी बनने के बाद 4 सीटें कम हो जाएगी। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक परिसीमन के बाद जम्मू कश्मीर में 7 सीटें बढ़ जाएगी जिसके बाद कुल 114 विधानसभा की सीटें हो जाएंगी। जिनमें से 24 विधानसभा की सीट POK के लिए आरक्षित रहती हैं। इसका मतलब साफ है कि जम्मू कश्मीर में अगले विधानसभा चुनाव 90 सीटों पर होंगे। माना जा रहा है कि परिसीमन के बाद जम्मू इलाके में 7 सीटें बढ़ जाएंगी। यानि जम्मू क्षेत्र में विधानसभा की सीटें 37 से बढ़कर 44 हो जाएंगी। वहीं लद्दाख के अलग यूनियन टेरीटरी बनने के बाद कश्मीर क्षेत्र की विधानसभा सीटें 46 से घटकर 42 रह जाएंगी. इसका मतलब साफ़ है कि नए परिसीमन के बाद जब जम्मू कश्मीर में चुनाव होगा तो बीजपी फायदे में रहेगी और अकेले दम पर सरकार भी बना सकती है।





























