अब अलग हुए महबूबा और उमर
दो कैदी, अपनी हिरासत में लड़ पड़े, अब एक कैदी को महादेव पहाड़ी के पास चैशमाशाही में वन विभाग के भवन में रखा गया है दूसरा हरिनिवास में ही है, जहां आतंकवादियों से पुछताक्ष होती थी। दोनो हिरासती , भारतीय जनता पार्टी को जम्मू कश्मीर में कौन ले के आया इस बात पर झगड़ रहे थे, बात बिगड़ती गई और नौबत ऐसी आ गई कि दोनों को अलग करना पड़ा, वहां मौजूद कर्मचारी भी सब सुन रहे थे। भारतीय जनता पार्टी के कश्मीर में आने से दोनों पार्टी के वजूद पर संकट के बादल मंडरा रहे है। दोनो को साधारण भोजन दिया जा रहा है। एक कैदी की मांग थी कि उसे ब्राउन ब्रेड दी जाये मगर जेल के मैन्यू में ये नही था। शाही खाना न मिलना भी दोनो के गुस्से की वजह भी हो सकती है। मगर जानकारों का मानना है कि कश्मीर हित मे जिस नीति के तहत, साथ रखा गया था वो अब सफल होती नजर आ रही है | वही नजरबंदी के बावजूद महबूबा के भड़काऊ ट्वीट्स जारी थे।
प्रशासन के अफसरों ने उन्हें ऐसा नहीं करने को कहा तो वह भड़क गईं। उन्हें गिरफ्तारी की धमकी दी गई, तब जाकर ट्वीट्स बंद हुए। जब इंटरनेट बंद है तो फिर महबूबा ट्वीट कैसे कर रही थीं? छानबीन करने पर पता चला कि ये ट्वीट्स महबूबा की बेटी सना कश्मीर के बाहर किसी जगह से कर रही थीं। महबूबा कैद में काफी अाक्रामक हैं। कहती हैं कि वह भूख हड़ताल पर हैं। लेकिन, फल खा रही हैं। उनके लिए रोज ताजे सेब और नाशपाती पहुंचाए जाते हैं। महबूबा के करीबी पीडीपी नेता वाहिद पारा, सज्जाद लोन और बाकी नेता संटूर होटल में फाइव स्टार सुविधाओं में रह रहे हैं।































