नासा हैं परेशान, दक्षिण में क्यो उतरेगा चन्द्रयान
भारत का चन्द्रयान पृथ्वी की कक्षा में आ गया, 16 दिन बाद चन्द्रमा की कक्षा में होगा उसके बाद 6 से 8 सितंबर में प्रज्ञान चंद्रमा के दक्षिण में उतरेगा, अभी तक चीन , रूस, अमेरिकी ने दक्षिण में नही उतारे अपने यान , भारत का ऐसा करना दूसरे देशों को सोचने और जलने पर मजबूर कर सकता है। क्योंकि दक्षिण में छाया होने के कारण वहाँ विभिन प्रकार के ऊर्जा के स्रोत प्रचुर मात्रा में है, और वहाँ यान उतारना और उससे जानकारी लेना कठिन है। अगर भारत सफल हुआ तो जिसके चांस पूरे है । अरबो रुपये का भंडार भारत को मिल सकता है। यही वजह है कि दुनिया की नज़र भारत पर हैं।
अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा भी दक्षिणी ध्रुव पर जाने की तैयारी कर रही है। 2024 में नासा चांद के इस हिस्से पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारेगा। अप्रैल 2019 में आई नासा की एक रिपोर्ट के अनुसार, चांद के इस अनदेखे हिस्से पर पानी होने की संभावनाओं के कारण ही नासा यहां अंतरिक्ष यात्री भेजेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, चांद पर लंबे समय तक शोधकार्य करने के लिए पानी बहुत जरूरी संसाधन है। नासा के मुताबिक, ऑर्बिटरों से परीक्षणों के आधार पर हम कह सकते हैं कि चांद के दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ है और यहां अन्य कई प्राकृतिक संसाधन भी हो सकते हैं। फिर भी इस हिस्से के बारे में अभी बहुत सी जानकारियां जुटाना है।

