इसीलिए चुनाव में राहुल बार-बार मांग रहे राफेल का सबूत
विधानसभा चुनावों की तरह ही ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि 2019 के चुनावों में भी राफेल विमान सौदा नेताओं के भाषण का अहम हिस्सा बना रहेगा | विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के भाषणों पर गौर करें तो आप पाएंगे कि ऐसा कोई भाषण नहीं था जिसमें उन्होंने राफेल सौदे का जिक्र न किया हो | राहुल ही नहीं राफेल सौदे का जिक्र कर विपक्षी दलों के तमाम नेता सीधा पीएम मोदी पर निशाना साधने की कोशिश करते रहे हैं | यही वजह है कि लंबे समय तक न्याय योजना, रोजगार, आसान टैक्स और कर्जमाफी की बातें करने के बाद गुरुवार को एक बार फिर राहुल को राफेल मुद्दा याद आ गया | नागपुर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था
कि अगर हमारी सरकार आई तो राफेल सौदे की जांच की जाएगी और चौकीदार जेल में होंगे | पीएम मोदी ने अपनी छवि एक सशक्त ईमानदार और राष्ट्रवादी राजनेता की बना रखी है | राहुल गांधी इस छवि को तोड़ना चाहते थे | राफेल सौदे का जिक्र कर और उसमें पीएम मोदी की संलिप्तता का दावा कर राहुल गांधी ने कहीं न कहीं उस छवि को चोट पहुंचाई जरूर थी | यही वजह है कि राहुल गांधी का दिया हुआ नारा 'चौकीदार चोर है' लोगों में काफी लोकप्रिय हुआ | जिसके बाद बीजेपी ने अपना काउंटर कैंपेन मैं भी चौकीदार' शुरू किया |


