पुरुष का व्यक्तित्व
Medhaj News 2 Jan 19 , 06:01:39 Sports
पुरुष स्वच्छंद है, स्वतंत्र भी,
पुरुष सुनता है मगर रोज़-रोज़ कहता नहीं।
पुरुष में पराक्रम अथाह है,
ठान ले तो फिर, किसी की सुनता नहीं।
पुरुष वो चट्टान है, जो झुकता नहीं,
बात जब अपनों के सम्मान की हो, तो किसी से डरता नहीं।
सच्चा पुरुष वो आकाश है, जो सिर्फ गरजता नहीं,
मुसीबतें लाख रास्ता रोके, वो पीछे हटता नहीं ।
एक पुरुष जिससे हर स्त्री की उम्मीदें जुड़ी होती हैं,
माँ, बहन,पत्नी और बेटी सबकी उम्मीद्दों पे कभी-कभी ख़रा उतरता नहीं।
जो पुरुष घर को बनाने के लिए दिन रात देता है,
कभी-कभी उसे उसी घर में ही सुकून मिलता नहीं।








