भारत और बांग्लादेश के बीच कुल 7 करारों पर दस्तखत हुए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना के साथ शनिवार को मुलाकात के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच कुल 7 करारों पर दस्तखत हुए। दोनों नेताओं ने बांग्लादेश से एलपीजी इंपोर्ट समेत 3 प्रॉजेक्ट्स को लॉन्च किया। तीनों ही प्रॉजेक्ट की लॉन्चिंग विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई। शेख हसीना के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि पिछले एक साल में उन्हें भारत और बांग्लादेश के 12 जॉइंट प्रॉजेक्ट्स के उद्घाटन का मौका मिला। दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टिविटी भी बढ़ने वाली है। सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों के बीच उड़ानों की संख्या बढ़ाकर हर सप्ताह 120 की जाएगी। भारत और बांग्लादेश के बीच 3 और द्विपक्षीय परियोजनाओं के उद्घाटन का मौका मिला। एक साल में हमने 12 जॉइंट प्रॉजेक्ट्स का उद्घाटन किया है।' उन्होंने कहा कि आज की तीनों परियोजनाएं 3 अलग-अलग क्षेत्रों में हैं- एलपीजी इंपोर्ट, वोकेशनल ट्रेनिंग और सोशल फसिलटी। तीनों का मकसद एक है- हमारे नागरिकों का जीवन बेहतर बनाना। बता दें कि ये तीनों प्रॉजेक्ट हैं- बांग्लादेश से एलपीजी आयात, बांग्लादेश-इंडिया प्रफेशनल डिवेलपमेंट इंस्टिट्यूट और ढाका में रामकृष्ण मिशन में विवेकानंद भवन।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा - बांग्लादेश से बल्क एलपीजी सप्लाइ दोनों देशों को फायदा पहुंचाएगी। एक प्रकार से विन-विन सिचुएशन। इससे बांग्लादेश में निर्यात, आमदनी और रोजगार भी बढ़ेगा। ट्रांसपोर्टेशन की दूरी 1500 किमी कम हो जाने से आर्थिक लाभ भी होगा और पर्यावरण को भी कम नुकसान होगा। बांग्लादेश-इंडिया प्रफेशनल स्किल डिवेलपमेंट इंस्टिट्यूट बांग्लादेश के औद्योगिक विकास के लिए कुशल मैनपावर और टैक्निशियन तैयार करेगा। ढाका के रामकृष्ण मिशन में विवेकानंद भवन का प्रॉजेक्ट, जो दो महानुभावों के जीवन से प्रेरणा लेता है, हमारे समाजों और मूल्यों पर स्वामी रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद का अमिट प्रभाव रहा है। बांग्ला संस्कृतिक की उदारता और खुली भावना की तरह ही इस मिशन में भी सभी पंथों को मानने वालों के लिए स्थान है। विवेकानंद भवन में 100 से अधिक यूनिवर्सिटी छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स के रहने की व्यवस्था की गई है।
PM @narendramodi & Bangladesh PM #SheikhHasina jointly inaugurated Common Facility Centre for SMEs which would generate employment + income for hundreds of people in Bangladesh pic.twitter.com/5v8CxJ3ZuM
— Raveesh Kumar (@MEAIndia) October 5, 2019


