इमरान ने अपने देश की बदहाल अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए एक दाव चला
इमरान ने अपने देश की बदहाल अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए एक दाव चला है | पाकिस्तान ने अगले 23 साल तक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ग्वादर बंदरगाह और इसके फ्री जोन पर चीनी ऑपरेटर्स के लिए टैक्स में छूट (Tax Relief) देने की घोषणा की है | यानी की अब चीनी ऑपरेटर्स को सेल्स टैक्स और कस्टम ड्यूटी नहीं भरनी पड़ेगी | पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कुछ ही दिन पहले चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा प्राधिकरण और टैक्स लॉ अमेंडमेंट ऑर्डिनेंस 2019 की घोषणा की थी | अलवी ने ऐसे समय में यह अमेंडमेंट साइन किया जिस वक्त इमरान खान सैन्य प्रमुख बाजवा के साथ चीन का दौरा कर रहे हैं |
ग्वादर में 23 साल तक टैक्स में राहत के अलावा अन्य तरह की छूट की घोषण के बाद चाइना ओवरसीज पोर्ट्स होल्डिंग कंपनी ग्वादर के चेयरमैन झांग बोअजॉन्ग ने मंगलवार को अगल 7 सालों में इस तटीय शहर को पाकिस्तान की जीडीपी में सबसे बड़ा भागीदार बनाने की योजना साझा की | द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक यह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए निर्णायक मोड़ है और ग्वादर में अरबों डॉलर का निवेश होगा | चीन और पाकिस्तान ग्वादर बंदरगाह को शिंजियांग प्रांत से जोड़ने वाले 60 अरब डॉलर के आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) पर काम कर रहे हैं | भारत ने इस गलियारे को लेकर विरोध दर्ज कराया है क्योंकि यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है, जो कि भारतीय संप्रभुता का उल्लंघन है |


