कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता सरकार को फटकार लगाई
पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल और इस्तीफे की खबरों के बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता सरकार को फटकार लगाई है | हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि वह इस मुद्दे को बातचीत कर सुलझाए | हाईकोर्ट ने ममता सरकार से पूछा है कि डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं ? कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दो जूनियर डॉक्टरों पर हमला होने और उनके गंभीर रूप से घायल होने के बाद पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टर मंगलवार से हड़ताल पर हैं | शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में डॉक्टरों के मुद्दे पर सुनवाई हुई | हाईकोर्ट ने कहा है कि ममता सरकार, डॉक्टरों से बातचीत कर मामला खत्म करे | बंगाल में जूनियर डॉक्टर के साथ मारपीट के बाद शुरू हुई हड़ताल की आंच अब दिल्ली समेत बाकी राज्यों तक पहुंच गई है | बंगाल के डॉक्टर्स के सपोर्ट में दिल्ली के साथ ही मुंबई, पंजाब, केरल, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश में भी डॉक्टरों ने काम करने से इनकार कर दिया है |
यहां के अस्पतालों में ओपीडी बंद होने से मरीजों का बुरा हाल है | 10 जून को कोलकाता के नील रत्न सरकार मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई | गुस्साए परिजनों ने मौके पर मौजूद डॉक्टरों को गालियां दीं | इसके बाद डॉक्टरों ने कहा- जब तक परिजन हमसे माफी नहीं मांगते, हम डेथ सर्टिफिकेट नहीं देंगे | इस मामले में फिर हिंसा भड़की और कुछ देर बाद हथियारों के साथ भीड़ ने हॉस्टल में हमला कर दिया | इसमें दो जूनियर डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि कई और को भी चोटें आईं | और उसके बाद जब ममता बनर्जी ने हड़ताल वाले डॉक्टरों की निंदा की तो मामला तूल पकड़ता गया | NRS कॉलेज के प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल अभी तक इस मामले में अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं |




