कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली
कच्चे तेल (Crude Oil Soar) की कीमतों में आई जोरदार तेजी से देश की अर्थव्यवस्था (Crude Oil Impact on Indias GDP) को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते शेयर बाजार (Stock Market Crash) में भारी गिरावट देखने को मिली है | बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) 600 अंक गिरकर 36518 के स्तर पर आ गया है | वहीं, एनएसई के 50 शेयरों वाले प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी (Nifty) में 200 अंक की गिरावट आई है | यह 11 हजार के नीचे कारोबार कर रहा है | एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड में आए उछाल से भारतीय जीडीपी ग्रोथ पर निगेटिव असर होगा | इसीलिए विदेशी निवेशकों ने जमकर बिकवाली की है | इस गिरावट में निवेशकों के 2 लाख करोड़ रुपये डूब गए है | हालांकि, छोटे निवेशकों को फिलहाल घबराना नहीं चाहिए | बल्कि गिरावट पर खरीदारी करने का बेहतर मौका है | एक्सपर्ट्स बताते हैं कि क्रूड कीमतों में आई तेजी से देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है |
दरअसल हम अपनी जरूरत का 80 फीसदी क्रूड ऑयल विदेशी बाजारों से खरीदते है | ऐसे में महंगा होने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ जाएगा | अगर आसान शब्दों में कहें तो अब ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे | इसीलिए शेयर बाजार में गिरावट बढ़ गई है | न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब में 30 दिन में स्थिति सामान्य नहीं होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती है | 7 दिन सप्लाई रुक गई तो कच्चा तेल 15 डॉलर से 20 डॉलर प्रति बैरल तक महंगा हो सकता है | ऐसे में भारत पर असर पड़ना तय है | मतलब साफ है कि महंगे क्रूड से जीडीपी पर 0.10 से 0.40 फीसदी तक का बोझ बढ़ जाता है | सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने कहा था कि तेल की कीमतों में $10 प्रति बैरल की वृद्धि जीडीपी ग्रोथ को 0.2 से 0.3 प्रतिशत नीचे ला सकती है | मौजूदा समय में करंट अकाउंट डेफिसिट 9 से 10 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है |


