अमेरिका में रह रहे भारतीय अभिजीत बनर्जी को मिलेगा अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार
अर्थशास्त्र के लिए सोमवार को नोबल प्राइस की घोषणा कर दी गई है। इस साल भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभीजित बनर्जी सहित एस्तेर डफ़्लो और माइकल क्रेमर को "वैश्विक गरीबी को कम करने के लिए उनके प्रयोगात्मक दृष्टिकोण के लिए सम्मानित किया जाएगा। संयुक्त रूप से तीन अर्थशास्त्रियों को यह पुरस्कार दिया जाएगा। दो अन्य अर्थशास्त्रियों के नाम हैं- एस्थर डुफलो और माइकल क्रेमर। इन्हें वैश्विक स्तर पर गरीबी कम करने में योगदान के लिए बनर्जी को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।
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The 2019 Sveriges Riksbank Prize in Economic Sciences in Memory of Alfred Nobel has been awarded to Abhijit Banerjee, Esther Duflo and Michael Kremer “for their experimental approach to alleviating global poverty.”#NobelPrize pic.twitter.com/SuJfPoRe2N
1961 में जन्मे अभिजीत विनायक बनर्जी एक भारतीय अमेरिकी अर्थशास्त्री हैं। वर्तमान में वह एमआईटी में अर्थशास्त्र के फोर्ड फाउंडेशन इंटरनेशनल प्रोफेसर हैं। अभिजीत बनर्जी एस्तेर डफ़्लो और सेंथिल मुलैनाथन के साथ अब्दुल लतीफ़ जमील पॉवर्टी एक्शन लैब के सह-संस्थापक है। उनकी माता कलकत्ता में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर थी और पिता दीपक बनर्जी कलकत्ता के प्रेसिडेंट कॉलेज में प्रोफेसर थे और साथ ही वह अर्थशास्त्र विभाग के प्रमुख भी थे।


