गुस्ताखीः चीन ने एफसी-31 का परीक्षण कर अमेरिका को डराया!
इन दिनों दुनिया के अधिकतर देश हथियारों में अपनी ताकत दिखाने की होड़ में है। दुनिया में हथियारों के मामले में सबसे ताकतवर माने जाने वाले अमेरिका को रूस और चीन से चुनौती मिलती रहती है। ऐसे में चीन ने एक बार हथियारों के ताकत के मामले में अमेरिका के लिए चुनौती पेश की है। चीन ने अपनी पांचवी पीढ़ी के स्टेल्थ लड़ाकू विमान एफसी-31 गाइरफैल्कन का परीक्षण किया है। चीन पहले से ही अपनी सैन्य तैकत दिखाने में जुटा हुआ है। उसने हाल ही में सैन्याभ्यास के लिए एक मात्र विमानवाहक पोत लियाओनिंग को को पश्चिमी प्रशांत महासागर में भेजा है।
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वहीं चीन ने एफसी-31 गाइरफैल्कन का भी परीक्षण किया है। चीन का यह विमान अमेरिका के एफ-35 का जवाब बताया जा रहा है। अमेरिकी का एफ-35 दुनिया का सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान माना जाता है।
आइए जनाते हैं इस विमान की खासियत
6 मिलाइलों को पंखे के नीचे ले जा सकेगा। इसके साथ ही 6 मिसाइलें अदंर ले जाने में सक्षम। साथ ही 8 टन हथियार भी ले जाने में सक्षम। इस की उड़ान रेंज 1250 किमी है। इसकी कीमत 7 करोड़ डॉलर के आसपास है।
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चीन का दावा है कि उसका यह नया विमान अमेरिका के एफ-35 को टक्कर देगा। लेकिन रक्षा विशेषज्ञ चीन के दावों पर सवाल उठा रहे हैं। विशषज्ञों की माने तो यह अमेरिका के एफ-35 के आगे कहीं नहीं टिकता।
भारत के लिए यह बात चिंताजनक है। क्योंकि पाकिस्तान ने इस चीनी विमान को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। सिर्फ इतना ही नहीं चीन इसे पाकिस्तान को आधे दाम में बेचने का प्लान बना रही है।
