आज KBC में आगे खेलेंगी उन्नाव कि नूपुर कल तक जीती थी 10000 रूपए
नूपुर उन्नाव में रहने वाली एक एक साधारण से दिखने वाली दिव्यांग लड़की जरूर हैं। पर उनके हौसले के कायल खुद बिग बी हो गए है। नूपुर जब पैदा हुए थी तो नर्स ने उन्हें कचरे के एक डब्बे में फेंक दिया था। रिश्तेदार के पैसा देने के बाद नर्स ने उसे डस्टबिन से निकालकर साफ किया और ठोका तो रोने लगी। उसके बाद 12 घंटे लगातार रोती ही रही थी। डॉक्टरों की ओर से सही इलाज न मिलने की वजह से आज उसका यह हाल है। अभिताभ बच्चन के सवालों के जवाब देकर नूपुर ने गुरुवार को 10 हजार रुपये जीते। हॉट सीट पर अमिताभ के सामने बैठकर नूपुर ने कहा कि झांसी की रानी की तरह उसका जीवन संघर्षों से भरा है। महिलाओं को ऐसा काम करना चाहिए जो लोगों के लिए नजीर बने। अपने बल पर खड़ी होकर महिलाएं बड़ा मुकाम हासिल कर सकती हैं। शुक्रवार रात नौ बजे वह एक बार फिर अमिताभ के सवालों के जवाब देते नजर आएंगी।
दिव्यांग होने के बाद भी नूपुर के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। वह जज्बे के साथ अपने लक्ष्य को आगे बढ़ाती रहीं और अमिताभ हर जवाब पर ताली बजा उत्साहवर्धन करते रहे। उन्नाव के बीघापुर क्षेत्र के कपूरपुर गांव के रहने वाले रामकुमार सिंह की बेटी नुपूर किसान परिवार से हैं। जन्म के छह माह बाद जब माता-पिता को विकलांगता का पता चला तो उसे ठीक कराने के लिए काफी दौड़-भाग की लेकिन हकीम-वैध और डॉक्टरों की दवा उसे ठीक न कर पाई। बड़े होने पर कानपुर के एक विकलांग स्कूल में दाखिला करा दिया। नूपुर की काबिलित देखकर शिक्षकों ने सामान्य स्कूल में पढ़ने की सलाह दी। नूपुर स्नातक की पढ़ाई करने के बाद इंटरमीडिएट तक के बच्चों को ट्यूशन देती थी। उसका कहना है कि कुछ भी हो पर कभी किसी का सहारा नहीं बनना चाहिए। अपने जज्बे और हौसले से बुलंदी छूने के अरमान हमेशा से ही उसके जेहन में रहे।
























