करोड़ों के कर्ज ने ली कैफे कॉफी डे के फाउंडर वीजी सिद्धार्थ की जान
कैफे कॉफी डे के फाउंडर वीजी सिद्धार्थ करोड़ों के कर्ज में डूब गए थे | इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक उन्होंने एक हज़ार करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज ले रखा था | डेटा के मुताबिक देवदर्शिनी इंफो टेक्नोलॉजीज, गोनीबीडू कॉफी और कॉफी डे कॉन्सिलिडेशन के जरिए ये कर्ज लिए गए थे | सिद्धार्थ की जिन एंटिटीज को कर्ज दिया गया था, उसमें गोनीबीडू का 450 करोड़ रुपये, कॉफी डे ग्लोबल का 883 करोड़ और टैंगलिन रिटेल का 798 करोड़ रुपये का कर्ज शामिल है | कैफे कॉफी डे एक लिस्टेड कंपनी है | वीजी सिद्धार्थ और उनकी ग्रुप की इस कंपनी में 53.93 फीसदी की हिस्सेदारी है | जिसमें से 30 जून तक 75.70 फीसदी हिस्सेदारी कंपनी ने गिरवी रखी है | सिद्धार्थ ने आदित्य बिरला फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक |
एके कैपिटल्स एससीटीआई फाइनेंस, आरबीएल बैंक SSG एशिया में शेयर को गिरवी रख कर कर्ज लिए थे | आत्महत्या करने से पहले सिद्धार्थ ने अपनी कंपनी के कर्मचारियों और बोर्ड को चिट्ठी लिखी थी | इस चिट्ठी में उन्होंने कर्ज के बढ़ते दबाव का ज़िक्र किया था | देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन 'कैफे कॉफी डे' के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ का उनके गृह जिले चिकमंगलूर स्थित उनके एस्टेट में बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया, जहां सैकड़ों लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी | सिद्धार्थ सोमवार को लापता हो गए थे, जिसके दो दिन बाद नेत्रावती नदी के किनारे से उनका शव बरामद किया गया |











