जम्मू-कश्मीर में मोबाइल पोस्ट पेड सेवा शुरू, माहौल सामान्य करने में मिलेगी मदद
अनुच्छेद 370( article 370) हटाने से एक दिन पहले यानी चार अगस्त को सरकार ने कश्मीर में लैंडलाइन टेलीफोन और मोबाइल फोन व इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं। हालात सुधरते ही पहले लैंडलाइन सेवाएं शुरू की गई थी। अब पोस्ट पेड मोबाइल सेवाएं सोमवार दोपहर 12 बजे से शुरू हो गई है। इसके लिए सभी कंपनियों को पहले से ही निर्देश जारी किए जा चुके थे। अभी 20 लाख प्री-पेड मोबाइल फोन और इंटरनेट सेवाएं शुरू करने पर कोई भी फैसला नहीं हुआ है। मोबाइल इंटरनेट कश्मीर के साथ-साथ जम्मू में भी बंद पड़ी हैं। राज्य प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि मोबाइल सेवाएं बहाल होने से कश्मीर में हालात सामान्य करने में मदद मिलेगी। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पैदा हुए तनाव में सुधार होने के बाद शनिवार को प्रशासन ने सोमवार से पोस्ट पेड मोबाइल फोन को बहाल करने की घोषणा की थी।
राज्यपाल सत्यपाल मलिक(Satypal mailk) के सलाहकार फारूक खान ने कहा कि मोबाइल फोन पर रोक हटने से बड़ी संख्या में पर्यटक कश्मीर आएंगे। उम्मीद है कि जब लोगों की गतिविधियां सामान्य हो जाएंगी तो वे यह नहीं कह पाएंगे कि उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में कट्टरवाद के लिए कोई जगह नहीं है। हालांकि पाकिस्तान ने अपने नापाक इरादों को अंजाम देने के काफी प्रयास किए, लेकिन कश्मीरी युवाओं ने उन्हेें नाकाम बना दिया है।मोबाइल फोन की बहाली से छात्रों, व्यवसायियों और आम आदमी को राहत मिलेगी। 70 दिनों बाद आज से जम्मू एवं कश्मीर में मोबाइल फोन की घंटियां बजनी शुरू हो गई हैं। सोमवार दोपहर से जम्मू एवं कश्मीर में करीब 40 लाख से ज्यादा पोस्टपेड सेवा वाले फोन एक्टिव हो गए हैं। इस दौरान हालांकि जम्मू और लद्दाख क्षेत्र में मोबाइल फोन सेवाएं उपलब्ध थीं, लेकिन कश्मीर घाटी में पांच अगस्त से इन पर प्रतिबंध बना हुआ था।
पर्यटक विभाग से जुड़े स्थानीय लोग मोबाइल फोन की बहाली की मांग कर रहे थे ताकि वे बुकिंग सुनिश्चित कर सकें और उन ग्राहकों से संपर्क कर सकें, जो कश्मीर में घूमने के लिए आना चाहते हैं।

















