...तो इसलिए गर्भनिरोधक गोलियां लेने से बच रही हैं महिलाएं!
1960 के दशक में गर्भनिरोधक गोलियों की शुरुआत के बाद से ही इसके इस्तेमाल से अलग-अलग तरह के साइड इफेक्ट्स देखने को मिले हैं। जैसे चिड़चिड़ापन, बेचैन, मूड बदलना... लेकिन वजन बढ़ना सब महिलाओं की नजर में सबसे बड़ा साइड इफेक्ट है।
हाल ही में एक स्टडी के मुताबिक वजन बढ़ने के डर से महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियां लेने से बचती हैं।
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“पैन स्टेट कॉलेज ऑफ मेडिसिन” की रिसर्च में पाया गया है कि जिन महिलाओं का वजन ज्यादा है वे गर्भनिरोधक गोलियां लेने से परहेज करती हैं। यह रिर्सच 18 से 40 साल के बीच की 987 सेक्सुअली ऐक्टिव महिलाओं की लंबाई, वजन और गर्भनिरोधक के इस्तेमाल के आधार पर किया गया है।
स्टडी में पाया गया कि जिन महिलाओं का वजन ज्यादा है वे गर्भनिरोधक के तौर पर लॉन्ग लास्टिंग मेथड्स जैसे इन्ट्रयूटरिन डिवाइस का इस्तेमाल करती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें लगता है कि गर्भनिरोधक गोलियों से उनका वजन और बढ़ेगा। ऐसे में वह गर्भनिरोधक गोलियों को नजंरअमदाज करती है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि गर्भनिरोधक गोलियों का ख़तरा कितना ज़्यादा है और महिलाओं को इसको लेकर कितना आशंकित होना चाहिए।
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