आरओ में शुद्धिकरण के दौरान करीब 80 फीसदी पानी होता है बर्बाद
आज तकरीबन सभी घरों में आरओ का इस्तेमाल होता है इससे पानी की बड़े पैमाने पर बर्बादी भी होती है एक अनुमान के मुताबिक, करीब 100 लीटर पानी से महज 20 लीटर शुद्ध पेयजल ही मिलता है। जिस से पेयजल शुद्धिकरण के दौरान करीब 80 फीसदी पानी बर्बाद हो जाता है। जो पानी को शुद्ध किए जाने के दौरान इसकी बर्बादी रोकने के लिए अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इस संबंध में एक समिति गठित करने की बात कही है जो पानी की बर्बादी रोकने के लिए उपाय बताएगी
आरओ के कारण न केवल पानी की बर्बादी का मसला सामने आ रहा है, बल्कि एक्टिविस्ट का यह भी कहना है कि इसके कारण भूजल भी प्रदूषित हो रहा है। पर्यावरणविदों के अनुसार, पेयजल शुद्ध किए जाने के दौरान आरओ से निकलने वाला पानी दोबारा भूमि के अंदर चला जाता है, जो अंतत: भूजल को प्रदूषित करता है, जो सभी के लिए नुकसानदेह है।




