इस दीवाली सांड की आंख, शूटर दादियों की ज़िंदगी पर आधारित
सांड की आंख उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की मशहूर शूटर दादियों की ज़िंदगी पर आधारित है | शूटर दादी के नाम से मशहूर 87 साल की चंद्रो तोमर दुनिया की सबसे उम्रदराज़ निशानेबाज हैं | उन्हीं की तरह बाय चांस शूटर बनने वाली 82 साल की ‘रिवॉल्वर दादी’ यानी प्रकाशी तोमर दूसरे नंबर पर आती हैं | पचास पार की उम्र के बाद निशानेबाज़ी की शुरूआत करने वाली इन महिलाओं ने देश-विदेश में अनगिनत राइफल और पिस्टल प्रतियोगिताएं जीती हैं और करीब तीन सौ से अधिक मेडल्स अपने घर ले जा चुकी है |
ट्रेलर पर आएं तो यह बताता है कि ‘सांड की आंख’ तोमर दादियों के जीवन की उस सुनहरी पारी की कहानी दिखाने वाली है जो निशानेबाज़ी के साथ शुरू हुई थी | हालांकि इसमें कुछ दृश्य उनके पिछले जीवन की झलक भी दिखाते हैं लेकिन यह काम संवादों के जरिए शायद कहीं ज्यादा खूबसूरती से किया गया दिखता है | मसलन, एक दृश्य में क्या खाती हो के जवाब में तापसी पन्नू का किरदार कहता है - ‘गाली’ |
इसी तरह के एक दूसरे दृश्य में महिलाओं के अपने लिए ना जी पाने की मजबूरी को कम उम्र बताने की आदत से जोड़ने वाली फिलॉसफी भी ट्रेलर में आपका भरपूर ध्यान खींचती है | कहने का मतलब यह है कि ‘सांड की आंख’ एक प्रेरक कहानी पर बनी मनोरंजक फिल्म होने के सारे लक्षण दिखाती है | मस्ती’, ‘धमाल’, ‘एबीसीडी’ सीरीज सहित करीब बीस से ज्यादा फिल्में लिखने वाले पटकथा लेखक तुषार हीरानंदानी ‘सांड की आंख’ के जरिए बॉलीवुड में बतौर निर्देशक डेब्यू करने जा रहे हैं | उनकी पहली ही फिल्म में युवा नायिकाओं को दोगुनी से ज्यादा उम्र का दिखाने वाला यह प्रयोग काफी हिम्मत वाला है | यह कितना सफल होगा, इसका पता दीवाली के दिन तब चलेगा जब ‘सांड की आंख’ रिलीज होकर हमारी आंखों के सामने होगी |



