धारणा
Medhaj News 19 Jan 20,01:06:15 Special Story
हर बार तो वही बात होती है,
एक ही समस्या सबके पास होती है।
जो है पास में उसकी क़द्र नहीं होती है,
और सारी दुनिया में ख़ुशी की तलाश होती है ।
जिन बातों को नज़रअंदाज़ करके आगे बढ़ा जा सकता है,
असल ज़िन्दगी में वही सबसे बड़ा बवाल होती है।
लोगों ने अहंकार में खुद को घेरे रखा है,
उसी घेरे की ही सारी लड़ाई होती है ।
जहाँ हाथ पकड़ के चला जा सकता है,
वहां भी एक दूसरे की बुराई होती है।
सोच का दायरा बढ़ा ले अगर व्यक्ति तो सारा जहां अपना लगने लगता है,
मगर मेरा तेरा करने में ही सुबह से शाम होती है ।
----(प्रज्ञा शुक्ला)----

















