भगवन राम और उनके जन्मस्थान के बारे में सुप्रीम कोर्ट के जज ने क्या कहा
अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट सुबह 10.30 बजे ऐतिहासिक फैसला सुना दिया गया। कोर्ट ने विवादित स्थल पर राम लला का मालिकाना हक माना और मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ वैकल्पिक भूमि किसी दूसरी जगह पर दिए जाने का फैसला सुनाया। इसके बाद मुस्लिम पक्ष के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। हिंदू महासभा के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अयोध्या में मुस्लिमों को भव्य मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन दी जाए। भाजपा नेता नितिन गडकरी ने कहा कि लोकतांत्रिक फैसला दिया है, जिसका हर किसी को स्वागत करना चाहिए।
अयोध्या केस (Ayodhya Case Verdict) में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) ने कहा कि हिंदुओं का विश्वास कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में उक्त स्थल पर हुआ था, "अविवादित" है। उन्होंने फैसले में कहा कि हिंदू अयोध्या को भगवान राम की जन्मभूमि मानते हैं, उनमें धार्मिक भावनाएं हैं।
चीफ जस्टिस ने कहा कि हिंदुओं की आस्था और विश्वास है कि भगवान राम (Lord Ram) का जन्म विवादित जगह पर हुआ था। हिंदुओं की आस्था है कि भगवान राम का जन्म निर्विवाद रूप से यहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि टाइटल दावे के आधार पर ही तय होगा, न कि आस्था और विश्वास के नाम पर।
मुख्य न्यायाधीश गोगोई ने कहा कि ऐतिहासिक वृत्तांत हिंदुओं के विश्वास का संकेत देते हैं कि अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि थी।
उन्होंने कहा कि सबूतों से पता चलता है कि ब्रिटिश आक्रमण से पहले हिंदुओं द्वारा 'राम चबूतरा' और सीता रसोई की पूजा की जाती थी। मुख्य न्यायाधीश गोगोई ने कहा कि अभिलेखों में साक्ष्य बताते हैं कि विवादित भूमि का बाहरी हिस्सा हिंदुओं के कब्जे में था।





























