भारतीय सुरक्षाबलों को पाकिस्तान के खिलाफ चौकन्ना रहने की जरूरत- राजनाथ सिंह
कई युद्धों में भारत (India) के हाथों शिकस्त खाने के बावजूद पाकिस्तान (Pakistan) आतंकवाद (Terrorist) की सरकारी नीति पर चलता है | पाकिस्तान में चरमंपथी तत्व इतने मजबूत हैं कि राजनीति के केंद्र में बैठे लोग उनके हाथों की कठपुतलियों से ज्यादा कुछ नहीं लगते | यही कारण है कि भारतीय सुरक्षाबलों को पाकिस्तान के खिलाफ चौकन्ना रहने की जरूरत है | देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बल में शामिल हुए कैडटों से सेवा एवं शांति का संदेश दुनिया तक ले जाने के लिए कहा | इसी के साथ रक्षामंत्री ने कैडटों से कहा कि पाकिस्तान जैसे पड़ोसी से निपटने के लिए हमें हर वक्त तैयार रहने की जरूरत है |
उन्होंने कहा - इतिहास गवाह है कि भारत की अतिरिक्त क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएं नहीं रही हैं | वह अपने पड़ोसी के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों में यकीन रखता है लेकिन हमें पाकिस्तान जैसे पड़ोसी से निपटने के लिए तैयार रहना होगा | 9/11 और 26/11 के आतंकियों के पाकिस्तान में छुपे होने का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा - 26/11 के दोषियों को तब न्याय मिलेगा जब आतंक के सरगना को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा | उन्होंने कहा कि भारत और चीन की क्षेत्रीय अवधारणाएं एक-दूसरे से अलग हो सकती हैं लेकिन चीन आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में बाकी दुनिया के साथ खड़ा है | उन्होंने चीन के साथ डोकलाम गतिरोध के दौरान संयम के साथ-साथ इच्छाशक्ति दिखाने के लिए भी भारतीय सुरक्षा बल की प्रशंसा की | रक्षा मंत्री ने इलाके में यातायात की भीड़भाड़ को कम करने के लिए आईएमए के उत्तर, दक्षिण और मध्य परिसरों को जोड़ने के लिए दो अंडरपास के निर्माण की भी घोषणा की | रक्षा मंत्री ने अकादमी का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और स्वर्ण पदक एकेडमी अंडर ऑफिसर विनय विलास गराद को और रजत पदक सीनियर अंडर ऑफिसर पीकेंद्र सिंह तथा कांस्य पदक बटालियन अंडर ऑफिसर ध्रुव मेहला को दिया |




























