Mortal Engines Movie Review: ‘मशीनी दुनिया’ में जिंदगी की जंग दिखाती है हॉलीवुड फिल्म 'मॉर्टल इन्जंस'
‘मॉर्टल इन्जंस (Mortal Engines)' की कहानी की शुरुआत आज से एक हजार साल आगे से शुरू होती है, जहां सबसे बड़ी मशीनी शहर लंदन के प्रशासक थडेयस वेलेंटाइन (Hugo Weaving) द्वारा छोटे-मोटे मशीनी शहरों को कब्जे में करने से होती है. वह एक ऐसा मशीनी उपकरण तैयार करने की तलाश में रहता है, जिससे हजार साल पहले प्राचीन इतिहास में 60 सेकंड में ऊर्जावान विस्फोटक मशीन से दुनिया तबाह हो जाती है. जिसकी वजह से दुनिया के जमीनी हिस्से अलग अलग हो चुके होते हैं. अब जंग मशीनी शहर और जमीनी बस्तियों के बीच होती हैं. चीन के पास मौजूद जमीनी बस्तियों को कब्जा करने के लिए वेलेंटाइन आखिरकार वो मशीन तैयार कर लेता है. वहीं इसे रोकने के लिए वैलेंटाइन द्वारा कत्ल की गई पूर्व पत्नी पिंडोरा शॉ की बेटी हेस्टर शॉ (Hera Hilmarsdóttir) और मशीनी शहर लंदन से भागी हुई एना फैंग (Jihae) आखिरी समय तक लड़ते हैं.
हॉलीवुड फिल्म ‘मॉर्टल इन्जंस (Mortal Engines)' में दिखाए गए ग्राफिक्स और विजुअल इफैक्ट्स बेहद शानदार हैं. विशालकाय मशीनें और जमीनी दृश्यों को देखकर मालूम नहीं पड़ता कि यह एक काल्पनिक विषय पर आधारित है. हम इस फिल्म को वास्तविकता के आधार पर देखने पर मजबूर हो जाएंगे. कहानी कुछ ऐसी है कि शुरू से लेकर आखिरी तक कहीं भी बोरियत महसूस नहीं होती और कुर्सी से उठने की हिम्मत भी नहीं. विजुअल इफैक्ट्स के साथ बैकग्राउंड स्कोर भी काबिलेतारीफ है.
RPS
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