दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में गांव, गरीबों और किसानों पर फोकस
मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में गांव, गरीबों और किसानों पर फोकस रखा | इन तीनों के लिए कुछ ऐसी योजनाएं शुरू की हैं जिससे उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आएगा | दरअसल, गांवों के लोग, गरीब और किसानों ने बीजेपी को जमकर वोट दिया है | इसीलिए सरकार ने इनकी बेहतरी के लिए बजट में कई एलान किए हैं | आईए जानतें हैं कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आखिर बजट में क्या-क्या दिया | पीएम ग्राम सड़क के लिए 80250 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा.. इससे गांवों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी और वहां पर इससे रोजगार भी पैदा होगा | जीरो बजट फार्मिंग से किसानों को कुशल बनाएंगे, खादी, बांस, शहद के लिए स्पेशल कलस्टर बनेगा और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा खर्च होगा | सरकार इस क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ाएगी | किसानों की आय बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय बांस मिशन पहले से ही चल रहा है | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 10 हजार नए किसान उत्पादक संगठन बनाएंगे |
देश के 95 फीसदी घरों में शौचालय बन चुके हैं | इस साल अक्टूबर तक हर घर में शौचालय होगा | पीएम आवास योजना में 1.95 करोड़ घर बनाने की योजना है | सरकार ने 2022 तक हर किसी को घर उपलब्ध करवाने का वादा किया है | 2022 तक हर घर में बिजली, 2024 तक हर नल में पानी देने की योजना | भारतनेट के जरिए प्रत्येक पंचायत में इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि हमारी सरकार का केंद्र बिंदु गांव, किसान और गरीब है | हमारा लक्ष्य है कि 2022 तक हर गांव में बिजली पहुंचेगी | उज्ज्वला योजना और सौभाग्य योजना के जरिए देश में काफी बदलाव आया है | महात्मा गांधी का विचार था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, हमारी सरकार अपनी हर योजना में अंत्योदय को बढ़ावा देने जा रही है | निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत आज रोजगार देने वाला देश बना है | हमारा जोर अब इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने पर है | भारतमाला के जरिए हम देश में सड़क हर गांव तक पहुंचा रहे हैं और नेशनल हाइवे का निर्माण कर रहे हैं |


