BCCI ने श्रीसंत पर लगे बैन को घटाकर किया 7 साल
भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके एस श्रीसंत का आजीवन प्रतिबंध घटाकर सात साल का कर दिया गया है। 2013 आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में नाम सामने आने के बाद केरल के इस तेज गेंदबाज पर लाइफ बैन लगा दिया गया था। मंगलवार को बीसीसीआई के लोकपाल जस्टिस (रिटायर्ड) डीके जैन ने उनके बैन को कम कर दिया। श्रीसंत पर बैन लगे अब करीब छह साल हो चुके हैं। इसका अर्थ है कि वह अगले साल सितंबर के मध्य से क्रिकेट खेल सकते हैं।
प्रतिबंध हटने के बाद श्रीसंत ने कहा है कि अगर उन्हें दोबारा राष्ट्रीय टीम में मौका मिलता है तो उनकी कोशिश टेस्ट में 100 विकेट का आंकड़ा छूने की होगी। उन्होंने कहा 'एक तरह से यह मेरे लिए अच्छी ही बात है कि मुझे फिट होने के लिए एक साल का वक्त मिला है। वर्ना अगर मुझे कल फिटनेस टेस्ट के लिए बुलाया जाता तो मुझे यह कहकर रिजेक्ट कर दिया जाता कि मैने फिटनेस टेस्ट पास नहीं किया। मैं जानता हूं कि अब मेरी फिटनेस कहां है और मुझे अगले साल सितंबर तक कहां पहुंचना है। मैं हमेशा से विराट कोहली की कप्तानी में खेलना चाहता था।' भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के लोकपाल डी.के. जैन ने उनके आजीवन प्रतिबंध को हटाने के आदेश दिए थे। श्रीसंत इस बात से काफी खुश हैं। श्रीसंत केरल के ऐसे दूसरे खिलाड़ी हैं जिन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने भारत के लिए 27 टेस्ट मैचों में 87 विकेट लिए हैं। वहीं, 53 वनडे मैचों में उनके नाम 75 विकेट हैं और 10 टी-20 मैचों में सात विकेट ले चुके हैं।
श्रीसंत भारत की उस टीम का हिस्सा थे, जिसने 2007 में टी-20 और 2011 में वनडे विश्व कप जीता था। उस दृश्य को याद करते ही रोंगते खड़े हो जाते है जब जोगिन्दर शर्मा की गेंद पर मिस्बाह ने अपना कैच श्रीसंत को थमा दिया था। वह पल भारतीय कभी नहीं भूल सकते।



