जामनगर कोर्ट ने पूर्व IPS संजीव भट्ट को उम्रकैद की सजा सुनाई
जामनगर कोर्ट ने जोधपुर कस्टोडियल डेथ मामले में फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने पूर्व IPS संजीव भट्ट को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है | 1990 में एक व्यक्ति की पुलिस हिरासत में मौत हुई थी | एक अन्य पुलिस अधिकारी प्रवीण सिंह झाला को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है | 1990 में लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा पूरे भारत मे निकली थी | उसी दौरान दंगे भड़कने के आसार को देखकर जामनगर जिले में कर्फ्यू लगाया गया था | संजीव भट्ट उस समय जामनगर के जाम जोधपुर तहसील में ट्रेनी IPS के तौर कार्यरत थे | भट्ट ने उस दौरान 133 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें प्रभुदास माधवजी वैष्णव भी थे | प्रभुदास को कस्टडी में ही संजीव भट्ट समेत 7 लोगों ने टॉर्चर किया, बाद में अस्पताल में प्रभुदास की मौत हो गई | उस समय इन 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज भी हो गया था, लेकिन केस आगे नहीं बढ़ रहा था | उस दौरान सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यह केस जामनगर डिस्ट्रिक एंड सेशन कोर्ट तक आया और आज संजीव भट्ट और उनके साथी कॉन्स्टेबल प्रवीण सिंह झाला को आजीवन कारावास की सजा हुई | अन्य पांच को भी आज ही सजा सुनाई जाएगी |









