महाशिवरात्रि की तारीख को लेकर है दुविधा तो जानें यहां कब है महाशिवरात्रि
शिव भक्तों के लिए महाशिवरात्रि का महत्व किसी पर्व से कम नहीं है | हिंदू धर्म में भी इसकी महिमा का वर्णन किया गया है | महाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है | इस दिन लोग भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं और भोले को प्रसन्न करने के लिए मंदिर में जाकर शिवलिंग पर दूध, जल और गोरस अर्पित करते हैं | कुछ शिव भक्त इस दिन रुद्राभिषेक भी करते हैं | धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त इस दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं भोले शंकर उनकी मनोकामना पूरी करते हैं | बहुत से लोग कल यानी कि 21 फरवरी को शिवरात्रि मनाएंगे वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो 22 फ़रवरी यानी कि शनिवार को शिवरात्रि मनाएंगे |
दरअसल, लोगों में शिवरात्रि की तिथि को लेकर असमंजस है | आइए जानते हैं कि शिवरात्रि किस तारीख को मनाई जाएगी, शिवरात्रि कल यानी कि 21 फरवरी की शाम 5 बजकर 20 मिनट से शुरू होगी और 22 फरवरी को 7 बजकर 2 मिनट तक इसका मुहूर्त रहेगा | रात्रि 12 बजकर 17 मिनट से लेकर 12 बजकर 51 मिनट तक तक शिवरात्रि का निशीथ काल पूजा मुहूर्त है |
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करने का लाभ:
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन पूरे विधि विधान और मन से भगवान शिव की भक्ति से होगी ज्ञान की प्राप्ति होती है |
- देवों के देव कहे जाने वाले भगवान शिव महाशिवरात्रि के दिन जिस भी भक्त द्वारा पूजा जाता है उसके कई पाप धुल जाते हैं |
- शिव जी को मृत्यु का देवता भी कहा जाता है और ऐसा माना जाता है कि शिव की पूजा करने से जन्म-मरण के बंधनों से मुक्ति मिलती है, इसलिये जो भी जातक शिवरात्रि को शिव जी की आराधना करता है उसे भय से भी मुक्ति मिलती है |
- इसके साथ ही मनोवांछित वर की प्राप्ति भी शिवजी को प्रसन्न करने से मिलती है |
- भगवान शिव की अराधना करना न केवल सांसारिक लोगों के लिये शुभ है बल्कि आध्यात्मिक पथ पर बढ़ने वाले लोग भी भगवान भोलेनाथ की पूजा करके शुभ फल प्राप्त करते हैं | शिव भगवान आदियोगी भी कहे जाते हैं इसलिये उनकी भक्ति करने से आध्यात्मिक ज्ञान की भी प्राप्ति होती है |

